
नैनी जेल के बाहर हलचल तेज हो गई है। कभी भी अतीक को जेल से बाहर लाया जा सकता है।
17 साल पुराने उमेश पाल अपहरण केस में आज प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट अतीक अहमद के जिंदगी पर बड़ा फैसला सुना सकती है। अतीक, अशरफ और फरहान को करीब 12 बजे पुलिस कोर्ट ले जाएगी। कल नैनी जेल अधीक्षक को कोर्ट की तरफ से भेजे गए पेशी के आदेश में 12.30 बजे कोर्ट में पेशी करने का जिक्र था।
कोर्ट में उमेश पाल की पत्नी या अन्य सदस्य मौजूद नहीं रहेगा। कोर्ट की कार्यवाही के दौरान सिर्फ उमेश पाल का भांजा मौजूद रहेगा.
उमेश पाल अपहरण केस पर साढ़े 12 बजे अदालत फैसला सुनाएगी
उमेश पाल अपहरण केस पर साढ़े 12 बजे अदालत फैसला सुनाएगी। हालांकि पहले 11 बजे फैसले का समय था। लेकिन इसमें बदलाव कर दिया गया। नैनी जेल के बाहर हलचल तेज हो गई है। कभी भी अतीक को जेल से बाहर लाया जा सकता है।
सभी चौराहों पर ट्रैफिक अलर्ट मोड पर रहेगा
जिस समय पुलिस दोनों को लेकर कोर्ट निकलेगी, तब एक साइड का ट्रैफिक रोकते हुए काफिला निकाला जाएगा। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल साथ में होगा। PRV112 वैन में लगे कैमरे व शहर में लगे सभी ट्रेफिक कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। सभी चौराहों पर ट्रैफिक अलर्ट मोड पर रहेगा। सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई। कोर्ट परिषद छावनी में तब्दील कर दिया गया.
माफिया अतीक अहमद को पहली बार अदालत सजा सुनाएगी। इससे पहले अतीक पर दर्जनों मुकदमे दर्ज हुए, लेकिन हर बार वह कानूनी दांव-पेच लगाकर बचता रहा।
फांसी या आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है
वकीलों का कहना है कि इस मामले में माफिया अतीक अहमद को अधिकतम फांसी या आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। उमेश पाल अपहरण केस में अतीक अहमद और अशरफ को सजा होती है तो यह किसी पहले मामले में सजा होगी।
राजू पाल हत्याकांड के 8 गवाहों पर दबाव डालकर अतीक अहमद ने बयान बदलवाया था। बसपा सरकार बनने के बाद उमेश पाल के अलावा अन्य गवाहों ने भी एफआईआर दर्ज कराई थी।
सादिक, सैफुल्ला और महेंद्र सिंह पटेल ने भी एफआईआर दर्ज कराई थी। महेंद्र सिंह पटेल राजू पाल का ड्राइवर था। इसके मुकदमे का ट्रायल अभी चल रहा है.
उमेश पाल की कर दी गयी थी हत्या
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो माह में 16 मार्च 2023 तक केस की सुनवाई पूरा करने का आदेश दिया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 8 गवाह पेश किए। खास बात यह रही कि उमेश पाल अपहरण में 8 अभियुक्त वही हैं जो कि राजूपाल मर्डर केस में भी अभियुक्त थे।
इसी केस की पैरवी से लौटने के बाद 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या कर दी गई। फायरिंग और बमबाजी कर की गई हत्या में उमेश पाल की सुरक्षा में तैनात दो सरकारी गनर भी मारे गए. उमेश पाल अपहरण केस में धूमनगंज थाने में आईपीसी की धारा 147,148, 149,364 ए,341, 342,504,506, 120बी और 7 सी एल ए एक्ट में एफआईआर दर्ज है।
क्या कहती है IPC की धारा 364A
इस धारा के अनुसार, जो कोई भी किसी व्यक्ति का अपहरण करता है या इस प्रकार के अपहरण के बाद किसी व्यक्ति को हिरासत में रखता है और ऐसे व्यक्ति को मौत या चोट पहुंचाने की धमकी देता है, या उसके आचरण से एक उचित आशंका पैदा होती है कि ऐसे व्यक्ति को मौत या चोट पहुंचाई जा सकती है, या सरकार या किसी विदेशी राज्य या अंतरराष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन या किसी अन्य व्यक्ति को किसी भी कार्य को करने या फिरौती देने के लिए विवश करने के लिए ऐसे व्यक्ति को चौट या मृत्यु का कारण बनता है, मौत की सजा या कारावास जीवन और जुर्माना के लिए भी उत्तरदायी होगा।
Published on:
28 Mar 2023 11:20 am
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