ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने की रस्म के साथ ही खिदमत का वक्त भी बदल गया। अंजुमन सैयदजादगान के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने बताया कि उर्स के दौरान गरीब नवाज के आस्ताना-ए-आलिया और जन्नती दरवाज़ा खोलने व बंद करने सहित व्यवस्थाएं बदलती हैं। इसके तहत 25 जमादि उस्सानी सुबह से 5 रजब तक खिदमत का वक्त मगरिब की नमाज के बाद होगा। 28 जमादि उस्सानी यानी 21 जनवरी को खादिमों द्वारा सालभर पेश किया गया संदल उतारा जाएगा। 29 जमादि उस्सानी यानी 22 जनवरी को खुद्दाम-ए-ख्वाजा के तत्वावधान में परम्परानुसार सुबह 4:30 बजे जन्नती दरवाजा खोला जाएगा। यह छह रजब को बंद किया जाएगा।