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 अंडरपास प्राथमिकता से बन जाए तो मिल थोड़ी राहत

– गुलाबबाड़ी क्षेत्र के लोगों की पीड़ा कब बनेगा गुलाबबाड़ी आरओबी, स्कूल जाने में होने लगी परेशानी अजमेर. पिछले सात आठ सालों से रेलवे ओवर ब्रिज का दंशझेल रहे क्षेत्रवासियों की पीड़ा अब बर्दाश्त नहीं हो रही। पुलिया के अधूरे निर्माण के चलते स्कूली बच्चों सहित मरीजों व रोज मर्रा काम धंधे पर जाने वाले लोगों को […]

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अजमेर

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Dilip Sharma

Apr 19, 2025

rob news

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- गुलाबबाड़ी क्षेत्र के लोगों की पीड़ा कब बनेगा गुलाबबाड़ी आरओबी,

स्कूल जाने में होने लगी परेशानी

अजमेर. पिछले सात आठ सालों से रेलवे ओवर ब्रिज का दंशझेल रहे क्षेत्रवासियों की पीड़ा अब बर्दाश्त नहीं हो रही। पुलिया के अधूरे निर्माण के चलते स्कूली बच्चों सहित मरीजों व रोज मर्रा काम धंधे पर जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना रोजाना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार तीन से चार ट्रेनें एक साथ गुजारने के कारण एक घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में दोनाें ओर वाहनों की कतारें लग जाती है। फाटक खुलने केे बाद भी काफी देर लग जाती है। राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाई जा रही मुहिम के तहत फाटक पार रहने वालों से उनकी पीड़ा जानी।

एक साथ तीन टे्नों की आवाजाहीकई बार एक से अधिक ट्रेनें गुजारने के दौरान कई घंटे खड़ा रहना पड़ता है। जिससे गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह िस्थति रोजाना की है।

हनुमान श्रीया

बच्चों को स्कूल छोड़ने जाने व लाने के दौरान दोनों बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चे घर पहुंचने में देरी होने पर भूखे प्यासे रहते हैँ।

अमित गर्गकभी रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड समय पर नहीं पहुंचते हैं। जिससे गाड़ी छूटने का अंदेशा बना रहता है। रेलवे फाटक पर कितनी देर लगेगी यह पता नहीं चल पाता।

अनिता मेहरा

रोजमर्रा कामकाज पर जाने या नौकरी पेशा लोगों को समय पर पहुंचना पड़ा है ऐसे में सुबह के वक्त गाडि़यों की आवाजाही कई बार देर से होती है ऐसे में रेल फाटक बंद रहने से परेशानी होती है।

नाथुलाल जैन

अंडरपास को प्राथमिकता से बनवा दिया जाए तो थोड़ी राहत मिल सकती है। शहर के अन्य आरओबी भी अधूरे हैं लेकिन उनके अंडरपास बन गए हैं।

रेखा जैन

मरीज आदि को ले जाने के लिए कई बार वाहनों की भीड़ में एंबुलेंस फंस जाती है। मरीज के लिए एक एक मिनट जरुरी होता है। एंबुलेंस में मरीज परेशान होते हैं।

आरएस सिंघल

ग्रामीण क्षेत्रों से भी दैनिक वेतन भोगी व मजदूर आदि शहर में आते हैं। उन्हें यह समस्या आते जाते वक्त होती है। कार्य स्थल पर देरी से पहुंचने पर मजदूरी नहीं मिलती।

शशी सिंघल

शहर के कई कार्यक्रमों में समय से पहुंचना होता है लेकिन फाटक बंद होने से वाहनों की भीड़ में फंस कर रह जाते हैं। अंडर पास को पहले बनाने का काम शुरू होना चाहिए।

सारिका जैन