अजमेर

वैकल्पिक वेटलैंड की कवायद तेज, ‘नीरी’ की टीम ने किया निरीक्षण

– टीम ने जल के नमूने, जलीय पादप व जीव-जंतुओं की जानकारी जुटाई अजमेर. जिला प्रशासन व सरकार ने वेटलैंड में हुए निर्माणों को हटाने के शीर्ष अदालत के फैसले के बाद वैकल्पिक वेटलैंड की तलाश तेज कर दी है। इसके लिए बुधवार को नेशनल एन्वायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) की टीम दूसरी बार अजमेर पहुंची। टीम […]

less than 1 minute read
Apr 23, 2025
nigam news

- टीम ने जल के नमूने, जलीय पादप व जीव-जंतुओं की जानकारी जुटाई

अजमेर. जिला प्रशासन व सरकार ने वेटलैंड में हुए निर्माणों को हटाने के शीर्ष अदालत के फैसले के बाद

वैकल्पिक वेटलैंड की तलाश तेज कर दी है। इसके लिए बुधवार को नेशनल एन्वायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) की टीम दूसरी बार अजमेर पहुंची। टीम ने यहां जिला प्रशासन की ओर से बताई गई वैकल्पिक नमभूमि का दौरा कर जांच की। इसमें मिट्टी के नमूने, जलीय जीवों व पौधों की उपलब्धता सहित पानी के ठहराव आदि की जांच की गई।

वेटलैंड में निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान जिला प्रशासन व सरकार से अदालत ने वैकल्पिक नमभूमि उपलब्ध कराने बाबत कार्य योजना मांगी है। इसी क्रम में नागपुर से ‘नीरी’ की टीम दूसरी बार यहां पहुंची। टीम ने यहां मिट्टी, पानी के सैंपल, पौधों की स्थिति, जलीय जीवों के लिए अनुकूलता व तापमान आदि का डेटा एकत्र किया।

तीन स्थानों पर दिखाई नमभूमि

जिला प्रशासन ने वैकल्पिक वेटलैंड के संबंध में तबीजी में 9 व 10 हैक्टेयेर के दो अलग-अलग क्षेत्र बताए। इसी तरह हाथीखेड़ा में नानकिया तालाब में करीब 3 हैक्टेयर वेटलैंड दिखाई गई।टीम अपनी तकनीकी रिपोर्ट डीएफओ के जरिये वेटलैंड ऑथारिटी जयपुर को देगी। यहां से मंजूरी के बाद सरकार अदालत में शपथ पत्र देगी। जिस पर शीर्ष अदालत अपना रुख स्पष्ट कर सकती है।

नीरी की टीम में वैज्ञानिक डॉ बिन्नीवाला, डॉ अमित बंशीवाल तथा स्टेट वेटलैंड ऑथारिटी से शार्दूल के साथ एडीए के उपायुक्त सूर्यकांत शर्मा, निगम के अधीक्षण अभियंता मनोहर सोनगरा आदि अधिकारी मौजूद रहे।

Published on:
23 Apr 2025 11:09 pm
Also Read
View All

अगली खबर