अगर आपके पास कोर्स की अच्छी किताबें (reading books) हैं, तो इन्हें सरकारी कॉलेज (government college) में दान कर सकते हैं। कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने विद्यार्थियों की सहातार्थ डोनेट ए बुक योजना शुरू की है। इन पुस्तकों से पढऩे वाले विद्यार्थियों (college students) के लिए सामुदायिक लाइब्रेरी (cummunity library) खोली जाएगी।
यूं तो अधिकांश स्नातक (UG College) और स्नातकोत्तर कॉलेज (PG College) में पुस्तकालय हैं, लेकिन कुछेक को छोडकऱ अधिकांश में पुस्तकें (books) कम हैं। कई विद्यार्थियों को जरुरत के मुताबिक पुस्तकें उपलब्ध नहीं होती। कॉलेज शिक्षा निदेशालय (director college education) ने विद्यार्थियों के हित में डोनेट ए बुक योजना शुरू करने का फैसला किया है।
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डोनेट ए पुस्तक (Donate A Book) योजना के तहत कोई भी पुस्तक दान कर सकेगा। इनमें शिक्षक (teachers), पूर्व विद्यार्थी (ex-students), आम नागरिक (general peoples) शामिल होंगे। एकत्रित हुई किताबों से सामुदायिक लाइब्रेरी बनाई जाएगी। इनका संचालन शिक्षकों की समिति (teachers committee) करेगी। समिति में 5 से 10 विद्यार्थियों को सह सदस्य (co opted members) बनाया जाएगा। समिति में नामित विद्यार्थियों का कार्यकाल अधिकतम दो साल का होगा।
डोनेट ए पुस्तक (Donate A Book) योजना के तहत कोई भी पुस्तक दान कर सकेगा। इनमें शिक्षक (teachers), पूर्व विद्यार्थी (ex-students), आम नागरिक (general peoples) शामिल होंगे। एकत्रित हुई किताबों से सामुदायिक लाइब्रेरी बनाई जाएगी। इनका संचालन शिक्षकों की समिति (teachers committee) करेगी। समिति में 5 से 10 विद्यार्थियों को सह सदस्य (co opted members) बनाया जाएगा। समिति में नामित विद्यार्थियों का कार्यकाल अधिकतम दो साल का होगा।
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निदेशालय ने साफ किया है, कि किताबें नियमित कोर्स (regular course) -पढ़ाई से जुड़ी होनी चाहिए। कोर्स की किताबें (course books) तीन साल और प्रतियोगी परीक्षा (competitive exams) की किताबें दो साल पुरानी नहीं होंगी। साहित्यिक पांडुलिपि श्रेणी से जुड़ी किताबों के लिए कोई अवधि नहीं होगी। विद्यार्थियों को बुक-शेयरिंग (book sharing), स्टडी, को-ऑपरेटिव मॉडल (coopertaive modal) से काम करने का प्रशिक्षण भी मिलेगा।
निदेशालय ने साफ किया है, कि किताबें नियमित कोर्स (regular course) -पढ़ाई से जुड़ी होनी चाहिए। कोर्स की किताबें (course books) तीन साल और प्रतियोगी परीक्षा (competitive exams) की किताबें दो साल पुरानी नहीं होंगी। साहित्यिक पांडुलिपि श्रेणी से जुड़ी किताबों के लिए कोई अवधि नहीं होगी। विद्यार्थियों को बुक-शेयरिंग (book sharing), स्टडी, को-ऑपरेटिव मॉडल (coopertaive modal) से काम करने का प्रशिक्षण भी मिलेगा।
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-प्राथमिकता में पहले बीपीएल और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी
-दूसरी प्राथमिकता में नियमित विद्यार्थी
-तीसरी प्राथमिकता में उच्च श्रेणी/श्रेष्ठ विद्यार्थियों को किताबें
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