
अजमेर@पत्रिका. मनरेगा कार्ड के मुताबिक 2021 में मृत व्यक्ति की ओर से मस्टररोल में नाम लिखवाने के बाद काम कर भुगतान भी उठा लिया गया। सुनकर भले ही अजीब लगे लेकिन मनरेगा के जो दस्तावेज जिला कलक्टर व मनरेगा लोकपाल को पेश किए गए, उनमें इसकी पुष्टि हो रही है।
मामला केकड़ी के जूनिया ग्राम पंचायत का है। यहां एक व्यक्ति की वर्ष 2021 में मृत्यु हो जाने के बावजूद कुछ रसूखदार लोगों की ओर से फर्जीवाड़ा कर रोडू का नाम मस्टररोल में लिखवा दिया। कार्यस्थल पर मृतक के नाम की हाजिरी भी भरती रही और उसकी गिनती भी होती रही। मृतक के नाम काम का आवंटन भी हुआ और समय पर भुगतान भी उठा लिया गया। इस मामले में गांव के ही वार्डपंच गोपाल धोबी एवं अरविन्द कुमार शर्मा ने दस्तावेज व साक्ष्य जुटाए। जिला कलक्टर डॉ. भारती दीक्षित एवं जिला परिषद में मनरेगा लोकपाल सुरेश सिन्धी को भी उन्होंने मंगलवार को दस्तावेज व ज्ञापन प्रस्तुत कर मनरेगा में फर्जीवाड़े की शिकायत की। उन्होंने कथित सरपंच एवं मेट पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की।
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ज्ञापन व दिए गए दस्तावेज के अनुसार उन्होंने बताया कि गांव का ही रोडू नामक व्यक्ति की 8-6-2021 को मृत्यु हो गई, लेकिन उसके नाम से जॉबकार्ड संख्या 594 बना दिया गया। मृतक के नाम से ही 24 अप्रेल 2022 को भुगतान उठाया गया। उन्होंने जिला कलक्टर से मनरेगा में चल रहे भ्रष्टाचार की जांच करवाकर दोषी कथित सरपंच व मेट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं उन्होंने ग्रेवल सड़क एवं नाला निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग में लेने का भी आरोप लगाया है।
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शिकायत मिली है। वीडियो से जांच रिपोर्ट लेने के बाद मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेश सिन्धी, लोकपाल मनरेगा जिला परिषद अजमेर
Published on:
05 Jul 2023 02:10 pm
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