अजमेर

डीएलसी दरों में बढ़ोतरी के बावजूद लक्ष्य से पिछड़ा पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग

वर्ष 2025-26 के लिए 14 हजार करोड़ का लक्ष्य -2024-25 का लक्ष्य था 11 हजार 900 करोड़ अजमेर. पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग को कुछ माह पहले डीएलसी दरें बढ़ाए जाने का अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका है। निर्धारित लक्ष्य के विपरीत राजस्व आय में करीब 14 प्रतिशत की कमी रही। डीएलसी दरों में बढोतरी के बावजूद […]

less than 1 minute read
Apr 01, 2025
ig stamp news

वर्ष 2025-26 के लिए 14 हजार करोड़ का लक्ष्य

-2024-25 का लक्ष्य था 11 हजार 900 करोड़

अजमेर. पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग को कुछ माह पहले डीएलसी दरें बढ़ाए जाने का अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका है। निर्धारित लक्ष्य के विपरीत राजस्व आय में करीब 14 प्रतिशत की कमी रही। डीएलसी दरों में बढोतरी के बावजूद लक्ष्य को हासिल नहीें किया जा सका।बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग ने 11 हजार 900 करोड़ के लक्ष्य के विपरीत 10 हजार 220 करोड़ का राजस्व अर्जित किया। यह तय लक्ष्य का 85.89 प्रतिशत है। जबकि इससे पूर्व वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10 हजार करोड़ का राजस्व अर्जित कर 91.46 लक्ष्य अर्जित किया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी माह में डीएलसी दरें रिवाइज होने के बावजूद लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। डीएलसी दरें िस्थर रहतीं तो लक्ष्य प्राप्ति के प्रतिशत में और गिरावट आने की संभावना थी। यानि बढ़ी डीएलसी दरों से लक्ष्य के करीब तो पहुंचे लेकिन बीते वर्ष के लक्ष्य से कम रहे।

नए साल के लिए लक्ष्य बढ़ाए

विभाग को सरकार ने अब एक अप्रेल से शुरू हुए नए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 14 हजार करोड़ रुपए के राजस्व अर्जन का लक्ष्य दिया है।

बीते पांच सालों के लक्ष्य व प्राप्ति पर एक नजर

वर्ष लक्ष्य करोड़ में आय करोड़ लक्ष्य प्रतिशत

2021-22 6800.00 6491.90 95.47

2022-23 8300.00 8189. 19 98.6620

23-24 10000.00 9181.49 91.81

2024-25 11900.00 10532.75 88.51

--------------------------------------------------

जयपुर जिला अव्वल

पंजीयन विभाग को जयपुर से सर्वाधिक 60 प्रतिशत राजस्व आय हुई। इसमें जयपुर व जयपुर ग्रामीण क्षेत्रों सहित दूदू व दौसा क्षेत्र भी शामिल हैं। यानि इन क्षेत्रों में जमीनों की खरीद फरोख्त सर्वाधिक हुई।

Published on:
01 Apr 2025 11:04 pm
Also Read
View All

अगली खबर