
mds university convocation
अजमेर. राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे 29 मार्च को अजमेर आएंगे। वह महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी के 12 वें दीक्षान्त समारोह में टॉपर्स को गोल्ड मेडल और पीएचडी धारकों को डिग्री प्रदान करेंगे।कार्यवाहक कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी ने बताया कि सत्यार्थ सभागार में 12 वां दीक्षान्त समारोह सुबह 10 बजे प्रारंभ होगा। राज्यपाल और कुलाधिपति हरिभाऊ किसनरावबागडे संकायवार टॉपर्स को 40 गोल्ड मेडल, 60 पीएचडी वितरण करेंगे। दीक्षान्त भाषण विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी देंगे। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री प्रो.मंजू बाघमार का भी संबोधन होगा।
टॉपर्स आएंगे एक दिन पहले
प्रो.सोडाणी ने बताया कि इस बार संकायवार टॉपर्स को 28 मार्च को बुलाया गया है। इनके ठहरने, भोजन की व्यवस्था यूनिवर्सिटी के अपाला गेस्ट हाउस में की जाएगी। इसी दिन शाम 4 बजे दीक्षान्त समारोह की रिहर्सल होगी। समारोह में छात्रों का ड्रेस कोड सफेद कुर्ता-पायजामा और छात्राओं का लाल बॉर्डर वाली सफेद साड़ी होगी।
यों चलेगा कार्यक्रम
सभागार में अकादमिक शोभायात्रा का प्रवेश
राष्ट्रगान
कुलपति प्रो.सोडाणी पेश करेंगे प्रतिवेदन
राज्यपाल करेंगे टॉपर्स को गोल्ड मेडल वितरण
महिला बाल विकास मंत्री का संबोधन
जल संसासन मंत्री का संबोधन
विधानसभा अध्यक्ष का दीक्षान्त भाषण
राज्यपाल का संबोधन
यूनिवर्सिटी जुटी तैयारियों में
दीक्षांत समारोह को लेकर यूनिवर्सिटी ने तैयारियों में जुटी। जिला प्रशासन ने भी यूनिवर्सिटी का दौरा किया है। जिला कलक्टर लोकबंधु, एसपी वंदिता राणा सहित विभिन्न अधिकारी एक-दो दिन मे तैयारियों का जायजा लेंगे। राज्यपाल की मौजूदगी रहने तक चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा विशेष टीम निगरानी रखेगी।
अब तक हो चुके हैं 11 समारोह
यूनिवर्सिटी के अब तक 11 दीक्षांत समारोह हो चुके हैं। इन समारोह में नानाजी देशमुख, पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील, डॉ. कर्णसिंह, पूर्व राज्यपाल शीलेंद्र कुमार सिंह, कल्याणसिंह, कैलाश सत्यार्थी, राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सहित कई अतिथि शामिल हो चुके हैं। यूनिवर्सिटी 1987 में स्थापित हुई थी। पहले इसका नाम अजमेर यूनिवर्सिटी रखा गया था। 1992-93 में राज्य सरकार ने इसे महर्षि दयानंद सरस्वती नाम प्रदान किया था।
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बी डबल प्लस नैक ग्रेड
1987 में स्थापित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय को नैक से बी डबल प्लस ग्रेड हासिल है। यह ग्रेड साल 2017 में प्रदान की गई। संयोग से यही ग्रेड वर्ष 2004 में भी मिली थी। इससे साफ जाहिर है कि विश्वविद्यालय ने ग्रेडिंग सुधार के लिए प्रयास करना उचित नहीं समझा। इसके विपरीत विश्वविद्यालय के अधीनस्थ और सम्बद्ध कॉलेज का प्रदर्शन लगातार निखर रहा है।
क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान-सोफिया आगे
यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेज को नैक की ग्रेडिंग लेना अनिवार्य किया है। क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान और सोफिया कॉलेज को ए प्लस ग्रेड हासिल है। सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय को बीडबल प्लस ग्रेड मिली है। 2009 में स्थापित राजस्थान केंद्रीय विवि को ए डबल प्लस ग्रेड मिली हुई है।
कमियों से नहीं मिल सका है यह खास अवार्ड
पूर्व राज्यपाल और कुलाधिपति कलराज मिश्र ने गवर्नेंस, वित्तीय स्थिति, शिक्षा, शोध, विद्यार्थियों की विकास योजनाओं-संसाधनों, सह शैक्षिक गतिविधियों सहित अन्य बिंदुओं के आधार पर चांसलर अवार्ड देने की घोषणा की थी। यह अवार्ड अब तक एमडीएस यूनिवर्सिटी को नहीं मिल पाया है।
यह हैं अवार्ड के मानक
-कॉलेजों को ऑनलाइन सम्बद्धता
-राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर का शोध
-ऑनलाइन/ऑफलाइन परीक्षाएं और परिणाम
-कैंपस प्लेसमेंट में विद्यार्थियों का चयन
-राज्य-राष्ट्रीय प्रोजेक्ट और योजनाओं में भागीदारी
-कौशल/रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम
-कैंपस में विद्यार्थियों और शिक्षकों की संख्या
विश्वविद्यालय में कमियां…
-कैंपस पाठ्यक्रमों में मात्र 16 शिक्षक कार्यरत
-आईआईटी/आईआईएम/एनआईटी से नहीं कोई एमओयू
-कैंपस में नहीं होते नियमित प्लेसमेंट फेयर
-राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय योजनाओं पर नहीं शोध
-एक भी ऑनलाइन परीक्षाओं का आयोजन नहीं
-सिलेबस नहीं बनते मार्केट डिमांड के अनुरूप
Published on:
26 Mar 2025 06:24 pm
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