
समाज का भ्रम नष्ट कर महर्षि नारद की तरह स्थापित करें लोकहित : डॉ. शारदा
अजमेर. देव ऋषि नारद पहले ऐसे पत्रकार थे जिन्होंने भारतवर्ष के इतिहास को कई बार निर्णायक मोड दिए। उन्हें महाभारत में वेद व्यास ने वेद, उपनिषद के ज्ञाता, इतिहास पुराणों के विशेषज्ञ, शिक्षाविद, व्याकरण, आयुर्वेद के प्रकाण्ड पंडित बताया, लेकिन फिल्म जगत ने उन्हें कॉमेडियन के रूप में पेश कर मजाक बना दिया। यह बात साहित्यकार-लेखक डॉ. रतन शारदा ने रविवार को कही। वे फॉयसागर रोड स्थित हंस पैराडाइज समारोह स्थल में देवर्षि नारद जयंती पर विश्व संवाद केन्द्र चित्तौड़ प्रांत के अजमेर चैप्टर की ओर से आयोजित प्रांत स्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता जगत से यह अपेक्षा है कि वो भ्रमित होते समाज का भ्रम नष्ट कर महर्षि नारद की तरह लोकहित स्थापित करे।
इससे पूर्व आरएसएस के राजस्थान क्षेत्र के प्रचार प्रमुख महेंद्र सिंघल ने कहा कि महर्षि नारद पत्रकारिता जगत के सबसे बड़े प्रतिमान हैं। उनकी स्वीकार्यता और सम्मान तीनों लोकों में एक समान थी। समारोह में वरिष्ठ पत्रकार रमेश अग्रवाल ने कहा कि पत्रकार खुद को मर्यादा व संस्कारों की कसौटी पर कसकर रखें तभी समाज में उनकी बात का प्रभाव हो सकेगा। अजमेर चैप्टर के सचिव निरंजन शर्मा ने स्वागत भाषण। अध्यक्ष एस. पी. मित्तल ने आभार जताया। संचालन भूपेन्द्र उबाना ने किया। संघ के महानगर संचालक खाजुलाल, राजेन्द्र लालवानी आदि मौजूद रहे।
पत्रिका के माखीजा व भट्ट का सम्मान
समारोह में नारद उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए विभूषण सम्मान गिरीश दाधीच को दिया गया। नारद भूषण फोटोग्राफर में जय माखीजा, वरुण भट्ट बांसवाड़ा (डेस्क वर्क), मनोज कुमार व्यास उदयपुर (सोशल मीडिया) को स्मृति चिह्न, श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
Published on:
15 May 2023 02:00 am
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