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Ajmer Nagarnitam- हिलेगी राजनीतिक जमीन, बिछानी पड़ेगी नई जाजम

परिसीमन के बाद अजमेर में अब होंगे 80 वार्ड, 20 नए वार्ड होने से नए युवाओं को मिलेगा मौका  

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Ajmer Nagar nigam - After the delimitation there will be 80 wards

Ajmer Nagarnitam- हिलेगी राजनीतिक जमीन, बिछानी पड़ेगी नई जाजम

अजमेर. राज्य सरकार की ओर से जारी नई अधिसूचना के अनुसार अजमेर शहर में अब वार्डो की संख्या 60 से बढक़र 80 हो जाएगी। वार्डों के इस परिसीमन से कई जहां राजनीति में भविष्य तलाश रहे नए युवाओं को पार्षद का चुनाव लडऩे का मौका मिलेगा वहीं कई दिग्गजों की सियासी जमीन खिसेगी। मतदाता बदल जाने से कई मौजूदा पार्षदों या दावेदारों को दूसरे वार्ड में नए सिरे से जाजम बिछानी पड़ सकती है। पैराफेरी गांवों को जोडऩा रहेगी चुनौतीशहर में अब 20 नए वार्ड होंगे। राजनीतिज्ञों का मानना है कि परिसीमन में अगर पैराफेरी गांवों को जोड़ा जाता है तो शहर के मौजूदा वार्डों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा लेकिन पैराफेरी गांवों को जोडऩा प्रशासन के लिए चुनौती रहेगी। पिछली बार भी पैराफेरी गांवों को जोडऩे का प्रयास किया गया था लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। विकास को मिलेगा बढ़ावा

वार्डों की संख्या बढऩे से बड़े वार्डों का एरिया कम होगा होगा इससे शहर के विकास को गति मिलेगी। अब तक कई पार्षद विकास कार्य करवाने के बजाय अपने वार्ड के बड़े होने के कारण सम्पूर्ण विकास नहीं करवा पाने का रोना रोते रहते हैं। अब वार्ड समान होंगे।
इनका रखना होगा ध्यान

जारी निर्देशों के अनुसार वार्डों की सीमाएं जहां तक संभव हो सडक़ या गली के आधार पर निर्धारित की जाएं और यदि इससे वार्ड का अनुपात बिगड़ता हो तो वार्ड रेखा काल्पनिक भी रखी जा सकती है। कोई भी क्षेत्र वार्ड में से नहीं छूटे। किसी वार्ड में कोई पॉकेट न बन जाए। एक ही मकान दो वार्डो में विभाजित नहीं हो। विधानसभा बाउंड्री को न तोड़ा जाए। दो विधानसभा क्षेत्रों के बाउंड्री को एक वार्ड न बनाया जाए। पूरा वार्ड एक थाने की सीमा में रहे। एक वार्ड दो अलग अलग पुलिस थाने की सीमा में विभाजित नहीं हो। सम्पूर्ण वार्ड विकास प्राधिकरण/ विकास न्यास के साथ एक जोन में ही हो। पीएचईडी,पीडब्ल्यूडी एंव डिस्कॉम के क्षेत्राधिकार के साथ भी समानता रखी जाए। परिसीमन कार्य एवं वार्डों का आरक्षण पूर्ण करवाया जाना आवश्यक है।

मार्च 2015 में हुआ था परिसीमन
शहर में मार्च 2015 में वार्डो का परिसीमन हुआ था। तत्कालीन जिला कलक्टर के प्रस्ताव पर 5 वार्ड बढ़ाए गए थे। वार्डो की संख्या 55 से बढ़ाकर 60 की गई थी।

जिले में यहां भी बढ़े वार्ड
अजमेर शहर के अलावा किशनगढ़ में 15 वार्ड बढ़े हैं। यहां अब वार्डों की संख्या 45 से बढक़र 60 हो गई है। केकड़ी में वाडों की संख्या 30 से बढक़र 40 हो गई है। बिजय नगर में वार्ड 25 से बढक़र 35, सरवाड़ में वार्डो की संख्या 20 से बढक़र 25,ब्यावर में वार्डों की संख्या 45 से बढक़र 60 हो गई है। वहीं पुष्कर में 5 वार्ड बढ़े हैं यहां वार्ड 20 से बढक़र 25 हो गए हैं।


नगरवासियों को नहीं मिली नगरपालिका की सौगातहाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में होंगे 20 वार्ड

नसीराबाद. राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के नसीराबाद में 20 वार्ड होंगे लेकिन अधिसूचना में लिखी गई जनसंख्या को देखा जाए तो यह 20 वार्ड ब्यावर मार्ग स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में बनेंगे। नसीराबाद के नगर वासियों को छावनी परिषद में ही रहना पड़ेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने छावनी परिषद के 8 वार्डों को नगर पालिका में तब्दील करने की घोषणा की थी। नगर के 8 वार्डों का सीमा ज्ञान करवा कर केंद्र सरकार को भेजा भी गया था। लेकिन राज्य सरकार की ओर से सोमवार को जारी अधिसूचना में नसीराबाद की कुल जनसंख्या ३५७२ ही बताई गई है जो कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की है। गौरतलब है कि छावनी परिषद प्रशासन केंद्र के अधीन होने के कारण नगर विकास के लिए नहीं के बराबर बजट राशि दी जाती है जिससे नगर के विकास कार्य पूरे नहीं हो पाते हैं। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में जहां नगर पालिका का गठन हो जाने से विकास कार्यों में चार चांद लगेंगे वहीं नसीराबाद के नगर वासियों को अभी भी छावनी परिषद प्रशासन के अधीन ही रहना पड़ेगा।

पुष्कर नगरपालिका में होंगे 25 वार्ड

पुष्कर. नगरपालिका के आगामी चुनावों में 25 वार्ड होंगे। स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक ने पालिका के वार्डों के परिसीमन के आदेश दे दिए हैं। सरकार के इस नऐ निर्णय के साथ ही अब वार्ड पार्षद व अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लडऩे वालों को नई जमीन तलाशनी होगी। वार्डों के जातिगत समीकरणों का खुलासा परिसीमन के बाद ही हो सकेगा। लेकिन जातिगत आधार पर वार्ड बदलकर चुनाव लडऩे वालों को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। साथ ही अध्यक्ष का सीधा चुनाव भी इस निर्णय को काफी प्रभावित करेगा।
वर्तमान के हालात पर नजर डालें तो पुष्कर में कुल 20 वार्ड हैं। इनमें अजा/अजजा व पिछड़ी जाति के मतदाता एक निर्धारित वार्डों में सिमटकर रह गए हैं। नए परिसीमन के बाद इस प्रकार के जातिगत मतदाताओं का विभाजन हो सकेगा तथा पालिका चुनावों के दौरान नए समीकरण बनेंगे।