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एक माह में तोड़ना है सेवन वंडर्स, 15 दिन में एक ईंट भी नहीं उखाड़ी

-आनासागर झील के वेटलैंड में हुआ है निर्माण, अभी एडीए ने लगा रखे हैं ताले -एनजीटी के आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे निर्देश -जिला प्रशासन, एडीए व निगम ने अब तक नहीं किया खाका तैयार अजमेर. आनासागर नम भूमि क्षेत्र में बनाए निर्माण हटाने के मामले में दिन बीतते जा रहे हैं लेकिन […]

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अजमेर

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Dilip Sharma

Apr 21, 2025

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-आनासागर झील के वेटलैंड में हुआ है निर्माण, अभी एडीए ने लगा रखे हैं ताले

-एनजीटी के आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे निर्देश

-जिला प्रशासन, एडीए व निगम ने अब तक नहीं किया खाका तैयार

अजमेर. आनासागर नम भूमि क्षेत्र में बनाए निर्माण हटाने के मामले में दिन बीतते जा रहे हैं लेकिन जिला प्रशासन, एडीए व निगम सहित अन्य जिम्मेदार ऐजेंसियां इसमें गंभीर नजर नहीं आ रहीं। गत सात अप्रेल को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में सरकार के अतिरिक्त महाअधिवक्ता ने एक माह में सेवन वंडर्स हटाने का आश्वासन दिया था। इसमें से 15 दिन बीत चुके हैं। अब पंद्रह दिन शेष हैं। 7 मई को एक माह पूरा होना है। ऐसे में मात्र 15 दिन में सेवन वंडर से निर्माण हटाए जाने हैं लेकिन अभी तक जिला प्रशासन, एडीए व निगम ने खाका तैयार नहीं किया है। आगामी नियमित सुनवाई पर 16 मई को इस संबंध में अदालत में रिपोर्ट पेश करनी है।

राहत नहीं मिली, सुप्रीम कोर्ट नाराज

एनजीटी के फैसले की पालना नहीं करने के बाद अजमेर विकास प्राधिकरण व सरकार का सु्प्रीम कोर्ट में जाना महंगा पड़ गया। सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के निर्णय की पालना नहीं करने पर खासी तल्खी दिखाई। हालात यह हो गए कि सरकार के प्रशासनिक अमले के मुखिया को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देना पड़ गया। इससे पहले सरकार व एडीए ने सेवन वंडर्स में एक प्रतिमा उतार कर कार्रवाई की खानापूर्ति की थी। इस जगह को फिलहाल आमजन के लिए बंद कर रखा है।

पक्के फर्श को हटाया

निगम प्रशासन ने 10 मार्च को हरिभाऊ उपाध्याय नगर िस्थत गांधी स्मृति उद्यान में पक्के फर्श हटा दिए। फिलहाल इसे सार्वजनिक उपयोग के लिए बंद कर दिया गया है।

आजाद पार्क का स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स भी दायरे में

आजाद पार्क से सटे पटेल मैदान में बने स्पोर्टस कॉम्पलेक्स को भी एनजीटी की याचिका में दायरे में लिया गया है। यहां निगम प्रशासन ने आनन फानन में आजाद पार्क के मैदानी भाग में हरी घास व पेड़ लगा कर कोर्ट को संतुष्ट करने का प्रयास किया है। कॉम्पलेक्स को पटेल मैदान की खेल गतिविधियों का हिस्सा बताया है।

चौपाटी पाथ वे पर अब चर्चा होगी

आनासागर पाथ वे भी नम भूमि के दायरे में है, हालांकि सरकार ने इसे आनासागर की हद बंदी व झील संरक्षण के लिए जरुरी बताया है। सरकारी पक्ष का कहना है कि इसके बनने से झील में अब अतिक्रमण नहीं हो रहे। अदालत इस पर भी विचार करेगी। अदालत ने सरकार से वैकल्पिक नम भूमि की कार्य योजना मांगी है। इसके लिए प्रशासन की ओर से तबीजी में 19 हेक्टेयर व वरुण सागर के पास 10 हेक्टेयर नमभूमि की योजना प्रस्तावित है। कोर्ट मामले की 16 मई को सुनवाई करेगा। सरकार की अपील में पर्यावरणविद् अशोक मलिक ने केवियट लगा कर अपना पक्ष रखा है।