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आईआईटी-गांधीनगर में निखरी प्रतिभाएं

IIT-Gandhinagar, painting, student, project, musical programme: छात्रोंं ने गुनगुनाए गीत, उकेरे चित्र

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आईआईटी-गांधीनगर में निखरी प्रतिभाएं

आईआईटी-गांधीनगर में निखरी प्रतिभाएं

गांधीनगर. छात्रों (students) की प्रतिभा निखारने और रचनात्मकता प्रवृत्तियां करने और पुरस्कृत करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर (IIT-Gandhinagar) की ओर से शनिवार को एक रोमांचक और मनोरंजक कार्यक्रम 'प्रोजेक्ट (Proect) इसाक शोकेस' का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने कोविड-19 में लोकडाउन के दौरान बनाए रचनात्मक कार्यों को प्रदर्शित किया।

इसके जरिए छात्रों ने लाइव संगीत पर्फोर्मंस, कविता पठन, स्केचीज और पेंटिंग की आभासी गैलरी वॉक थ्रु, क्विज़ प्रतियोगिताओं में भाग लिया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। संस्थान को इस प्रोजेक्ट के लिए कविता, लघु कथाएं, स्केचीज, पेंटिंग और मल्टीमीडिया ऑडियो-विज़ुअल्स की पांच श्रेणियों में 76 प्रविष्टियां मिलीं थी। स्केचीज और पेंटिंग में मानवीय भावनाओं, प्रकृति की सुंदरता, पौराणिक कथाओं और विभिन्न एनिमेटेड चरित्रों को दर्शाया गया है।

अपने अनुभव को साझा करते हुए छात्रा केरेन फ़ेलिशिया ने कहा, यह प्रोजेक्ट बहुत दिलचस्प लगा, जो कुछ और करने के लिए प्रेरित करता रहा। इस छात्र ने अपनी लघु कहानी 'द ट्रेन टिकट' के लिए पहला पुरस्कार और कविता 'क्वारंटाईन डेज' के लिए तीसरा पुरस्कार जीता।

इन पांच श्रेणियों में से प्रत्येक में प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया गया।
आईआईटी-गांधीनगर के निदेशक प्रो सुधीर के जैन ने कहा कि इस वैश्विक संकट में छात्रों की रचनात्मकता और अभिव्यक्ति को देखकर खुशी होती है। प्रतिकूल परिस्थितियों को अवसर में बदलने और चुनौतियों से न डरने की आईआईटी गांधीनगर की धारणा का यह एक बेहतरीन उदाहरण है। इस बहु-प्रतिभा प्रतियोगिता का उद्देश्य आईआईटी-गांधीनगर के छात्रों को लेखन, ड्राइंग, कोडिंग, संगीत, रचनात्मक अभिव्यक्ति जैसे नए कौशल विकसित करने के लिए लॉकडाउन अवधि का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो व्यक्तिगत और व्यावसायिक सफलता के लिए तेजी से महत्वपूर्ण बन रहे कौशल हैं।