
बर्ड फ्लू से दानह का पर्यटन व्यवसाय अटका
सिलवासा. कोरोना संक्रमण के बाद बर्ड फ्लू ने संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली के पर्यटन व्यवसाय पर रोक लगा दी है। चालू माह के आरम्भ से लॉयन सफारी, सतमालिया अभयारण्य, दुधनी जेटी, दादरा उद्यान, बटरफ्लाई, नक्षत्र वन, पिपरिया हिरवावन, अथाल स्वामीनारायण मंदिर मेहमानों के लिए तरस रहे हैं।बर्ड फ्लू ने जिस तरह देश में दस्तक दी है उससे हर आम और खास का चिंतित होना स्वाभाविक है।
कोविड-19 की तरह बर्ड फ्लू का वायरस भी 1996 में चीन से फैला था। अब पक्षियों में फैले बर्ड फ्लू ने आम आदमी की परेशानियों पर बल ला दिया है। जिले में प्रकृति व वनों का सौन्दर्य, पहाड़, नदियां, तालाब, झरने आदि रमणीय स्थल हैं। हरियाली की चादर ओढ़े पर्वतमालाएं, उनसे गिरते जल प्रपात एवं बहते झरने, कल-कल करती नदियां, वनों की परिवर्तनशील वनस्पति, ऊंचे-ऊंचे पेड़ों की बीच पसरी सड़कें, ग्रामीण संस्कृति सैलानियों को लुभाती रही हैं। पर्यटन विभाग ने दपाड़ा सतमालिया एवं वासोणा लॉयन सफारी दीपावली से पहले खोल दिए हैं, लेकिन देश-विदेश से आने वाले सैलानियों की संख्या नाममात्र रह गई है। खानवेल बटरफ्लाई उद्यान, दादरा व अथाल नक्षत्रवन, स्वामीनारायण मंदिर, मधुबन डेम, बिन्द्राबीन रामेश्वर मंदिर, दूधनी नौका विहार भी पर्यटकों के बिना सूने-सूने नजर आ रहे हैं। दूधनी जेटी पर मुंबई व महाराष्ट्र से आने वाले लोग अब नहीं दिख रहे हैं। जिले में वर्षभर में 8 लाख से अधिक पर्यटक दानह की धरती पर आते हैं, लेकिन इस बार यह संख्या हजारों में सिमट गई है।
Published on:
17 Jan 2021 07:41 pm
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