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ताशकंद में शास्त्री के साथ थे सुभाष चंद्र बोस!

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत आज तक रहस्य बनी हुई है। अब एक बार फिर उनसे जुड़ी एक तस्वीर सामने आई है। फोटो ताशकंद में नेताजी की मौजूदगी से संबंधित है। 

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kamlesh sharma

Dec 13, 2015

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत आज तक रहस्य बनी हुई है। अब एक बार फिर उनसे जुड़ी एक तस्वीर सामने आई है। फोटो ताशकंद में नेताजी की मौजूदगी से संबंधित है। इस फोटो में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के साथ भारत-पाक बातचीत के लिए ताशकंद गए दल में शामिल एक शख्स का चेहरा नेताजी से मिलता जुलता दिखाई दे रहा है।

नेताजी के विषय से जुड़े शोधकर्ताओं ने ब्रिटिश विशेषज्ञों द्वारा चेहरा पहचानने और इसका अनुमान लगाने वाली फॉरेंसिक तकनीक 'फेस मैपिंग' का इस्तेमाल कर खोजी एक तस्वीर को सबूत के तौर पर पेश किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि शास्त्री जी के साथ दिखने वाले यह व्यक्ति नेताजी सुभाषचंद्र बोस हो सकते हैं।

पुतिन पर डालना होगा दबाव
ब्रिटिश विशेषज्ञों के मुताबिक यदि यह तस्वीर नेताजी की ही है तो इससे दो बातें साबित होती हैं। पहली यह कि बोस की मौत 1945 में जापान में हुए विमान हादसे में नहीं हुई थी। दूसरी यह कि रूसी नेता स्टालिन ने उन्हें 1950 की शुरुआत में ही मरवा दिया था। शोधकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वह रूस के राष्ट्रपति पुतिन पर नेताजी से जुड़े सच का खुलासा करने के लिए दबाव डालें।

गौरतलब है कि मोदी इसी महीने रूस के दौरे पर जा रहे हैं। शास्त्री जी का परिवार दावा करता रहा है कि ताशकंद दौरे के दौरान शायद उनकी बात नेताजी से हुई हो। शास्त्री की इसी दौरे के बीच में 11 जनवरी 1966 को रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

पहले भी मिले थे पेरिस मैन
इस तस्वीर पर फेस मैपिंग की इस तकनीक का इस्तेमाल मिशन नेताजी के पूर्व सदस्य सिद्धार्थ सतभाई ने शुरू कराया था। भारतीय मूल के नीदरलैंड के नागरिक सतभाई ने इससे पहले पेरिस मैन का भी खुलासा किया था।

यह एक अज्ञात शख्स की तस्वीर थी। शक्स के चेहरे पर दाढ़ी थी और चेहरा बोस से काफी मिलता-जुलता था। 25 जनवरी 1969 को अमरीका और उत्तरी वियतनाम के बीच शांति वार्ता के दौरान एक सामूहिक फोटो में रहस्यमयी 'पैरिस मैन' नजर आया था।

दोनों एक ही व्यक्ति
ब्रिटेन की अदालतों और इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में अपनी विशेषज्ञ राय देने वाले नील मिलर इसको एक पुख्ता सबूत मानते हैं। उनका कहना है कि यह एक पुख्ता सबूत है कि इस तस्वीर में दिखने वाला व्यक्ति और सुभाष चंद्र बोस एक हैं और दोनों एक ही व्यक्ति हैं। मिलर ने इन साक्ष्यों का लगभग एक महीने तक अध्ययन किया।

नवंबर में उन्होंने 62 पेज की अपनी रिपोर्ट जमा की। उन्होंने बताया कि शास्त्री जी के साथ ताशकंद में जो व्यक्ति दिख रहा है, उसके चेहरे, कान, आंख, माथा, नाक, होंठ और ठोड़ी में काफी समानताएं हैं। बाल में अंतर का कारण फोटो की गुणवत्ता, फोटो लेने का एंगल और कांच-कपड़े जैसी चीजें भी हो सकती हैं।