जयपुर।
गुलाबी नगर का प्रमुख पर्यटक स्थल आमेर महल अब ताजमहल की तर्ज पर आइकॉनिक सिटी बनेगा। केन्द्र सरकार ने आमेर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपए का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट तैयार किया है। केन्द्र सरकार ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया है। आमेर को आइकॉनिक सिटी बनाने के लिए बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाए जाएंगे और महल के आसपास पर्यटक सुविधाएं विकसित करने के लिए महल के पास की आबादी को शिफ्ट करने की भी योजना है।
गुलाबी नगर का प्रमुख पर्यटक स्थल आमेर महल अब ताजमहल की तर्ज पर आइकॉनिक सिटी बनेगा। केन्द्र सरकार ने आमेर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपए का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट तैयार किया है। केन्द्र सरकार ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया है। आमेर को आइकॉनिक सिटी बनाने के लिए बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाए जाएंगे और महल के आसपास पर्यटक सुविधाएं विकसित करने के लिए महल के पास की आबादी को शिफ्ट करने की भी योजना है।
महल के आसपास के इलाके में पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां ही होंगी जानकारी के अनुसार आमेर महल के आसपास का क्षेत्र ताजमहल की तर्ज पर विकसित होगा। जिस तरह से ताजमहल के आसपास पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग, होटल—रेस्त्रां, घूमने की जगह और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां होती हैं। पार्किंग से ताजमहल तक पर्यटकों के लिए ई-रिक्शा सुविधा है। उसी तरह आमेर में भी महल के आसपास के इलाके में पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां ही होंगी।
पर्यटक ई-रिक्शा के जरिए महल तक पहुंचेंगे सड़कों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें चौड़ा किया जाएगा। महल के नजदीक के क्षेत्र में होटल-रेस्त्रां और पर्यटकों की सुविधा वाली गतिविधियों को संचालित करने पर जोर रहेगा। आमेर में वाहनों की भीड़ को देखते हुए ई-रिक्शा चलाए जाएंगे। आमेर में महल से दूर पार्किंग विकसित की जाएगी। पर्यटक ई-रिक्शा के जरिए महल तक पहुंचेंगे।
22 को होगी बैठक, प्लान बढ़ेगा आगे आमेर आइकॉनिक सिटी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय की उच्चाधिकारी रश्मि वर्मा सहित अन्य अधिकारी 22 अप्रेल को जयपुर में पर्यटन, कला संस्कृत एवं संग्रहालय विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी। यह बैठक आमेर में ही होगी।
अभी रात में आमेर नहीं जाते पर्यटक पुरातत्व और पर्यटन विभाग ने आमेर महल में करीब डेढ़ साल पहले नाइट टूरिज्म की शुरुआत की थी। आमेर में नाइट टूरिज्म में विदेशी पर्यटकों का रुझान बेहद कम है। इसका कारण आमेर में पर्यटकों के ठहरने के लिए व्यवस्थाओं की कमी को माना जा रहा है। आमेर जाने वाले पर्यटकों के लिए महल भ्रमण के बाद वहां रुकने और चायपान की सुविधाओं की कमी है। इसे देखते हुए आमेर महल के आसपास पर्यटक सुविधा वाली गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
ये है विरासत आमेर का क्षेत्रफल — 4 वर्ग किमी
आमेर बसा — 15वीं सदी जयपुर से दूरी — 11 किमी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आमेर को आइकॉनिक सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। ताजमहल की तर्ज पर आमेर महल के आसपास पर्यटक सुविधाओं से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
प्रदीप बोरड़, निदेशक, पर्यटन विभाग
आमेर बसा — 15वीं सदी जयपुर से दूरी — 11 किमी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आमेर को आइकॉनिक सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। ताजमहल की तर्ज पर आमेर महल के आसपास पर्यटक सुविधाओं से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
प्रदीप बोरड़, निदेशक, पर्यटन विभाग
परकोटे जैसा हो सकता है आमेर का हाल आमेर आइकॉनिक सिटी प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने के लिए आमेर की सड़कों और गलियों में हो रखे अतिक्रमण हटाए जाएंगे। आमेर महल तक जाने वाले रास्ते को बाधा रहित बनाया जाएगा। इसके लिए बड़े पैमाने पर निर्माण हटाने होंगे। सूत्रों की मानें तो आमेर महल के आसपास बसी आबादी को हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट करने की भी योजना है। महल के आसपास डेढ़ से दो किलोमीटर एरिया को पर्यटन गतिविधियों के लिए ही रखा जाएगा। आइकॉनिक सिटी प्रोजेक्ट से आमेर उसी तरह प्रभावित होगा, जैसा कि जयपुर मेट्रो से परकोटा इलाका।