9 जून 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

370 बिरयानी विवाद के बाद शख्स से छिनी नौकरी, विवादित टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया से डिलीट किया अकाउंट

370 Biryani Controversy: सोशल मीडिया पर इन दिनों 370 की बिरयानी मुद्दे ने जोर पकड़ लिया है। इस मामले में अब शख्स की नौकरी तक चली गई है। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।

2 min read
Google source verification
370 Biryani Controversy

370 Biryani Controversy (सोर्स- एक्स)

370 Biryani Controversy: सोशल मीडिया की दुनिया में कभी-कभी कुछ सेकंड का एक बयान किसी व्यक्ति की पूरी जिंदगी बदल देता है। हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां प्रणित मोरे की स्टैंडअप कॉमेडी शो के दौरान किया गया एक कथित मजाक नेशनल मुद्दा बन गया है। देखते ही देखते वीडियो करोड़ों लोगों तक पहुंच गया, लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और आखिरकार युवक को अपनी नौकरी तक गंवानी पड़ गई।

क्या है पूरा विवाद?

ये पूरा विवाद एक कॉमेडी शो के दौरान शुरू हुआ। शो में मौजूद एक युवक ने डेटिंग से जुड़ा एक अनुभव साझा किया। बातचीत के दौरान उसने ऐसा बयान दिया जिसे बड़ी संख्या में लोगों ने महिलाओं के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील बताया। वीडियो क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो गई और देखते ही देखते इंटरनेट पर बहस छिड़ गई।

महिलाओं को वस्तु के रूप में पेश करने की बातें

लोगों का कहना था कि इस तरह के मजाक महिलाओं को वस्तु की तरह पेश करते हैं और समाज में गलत संदेश देते हैं। कई महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की। देखते ही देखते युवक का नाम ट्रेंड करने लगा और उसके खिलाफ हजारों पोस्ट शेयर होने लगे।

कंपनी पर भी पड़ा दबाव

विवाद बढ़ने के बाद लोगों ने उस कंपनी को भी टैग करना शुरू कर दिया जहां युवक काम करता था। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या ऐसी सोच रखने वाला व्यक्ति किसी प्रोफेशनल संगठन का हिस्सा होना चाहिए।

बढ़ते दबाव के बीच कंपनी के संस्थापक ने सार्वजनिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में व्यक्त विचार कंपनी के सिद्धांतों और कार्य संस्कृति का प्रतिनिधित्व नहीं करते। कंपनी ने मामले की समीक्षा की और कर्मचारियों से बातचीत भी की।

कार्यस्थल पर युवक की कोई शिकायत सामने नहीं आई

दिलचस्प बात यह रही कि आंतरिक जांच में युवक के खिलाफ कार्यस्थल पर किसी तरह की शिकायत सामने नहीं आई। सहकर्मियों ने उसे मेहनती और पेशेवर कर्मचारी बताया। इसके बावजूद कंपनी ने माना कि सार्वजनिक विवाद का असर संगठन की छवि पर पड़ रहा है और आखिरकार उससे अलग होने का निर्णय लिया गया।

माफी के बाद भी नहीं रुका विवाद

विवाद बढ़ता देख युवक ने सोशल मीडिया पर एक सार्वजनिक माफी भी जारी की। उसने कहा कि उसका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था और यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो उसे इसका खेद है।

हालांकि इंटरनेट की अदालत इतनी आसानी से शांत नहीं हुई। बड़ी संख्या में लोगों ने माफी को अपर्याप्त बताया। कुछ लोगों का कहना था कि ऐसे मामलों में सिर्फ माफी काफी नहीं होती, जबकि अन्य लोगों ने माना कि गलती स्वीकार करने के बाद सुधार का मौका भी मिलना चाहिए।

लगातार आलोचनाओं और ट्रोलिंग के बीच युवक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स भी बंद कर दिए। लेकिन इसके बाद भी बहस जारी रही।

इंटरनेट पर बंटी राय

इस पूरे मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। क्या सोशल मीडिया पर की गई एक गलती किसी व्यक्ति का करियर खत्म कर सकती है? क्या सार्वजनिक जवाबदेही और सुधार के अवसर के बीच संतुलन होना चाहिए?

एक वर्ग का मानना है कि महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए। वहीं दूसरा पक्ष कहता है कि युवाओं को अपनी गलती सुधारने का अवसर भी मिलना चाहिए और एक बयान के आधार पर किसी का पूरा भविष्य तय नहीं किया जाना चाहिए।