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अब तक बैंक खातों में केवल एक नॉमिनी जोड़ने की अनुमति थी, लेकिन नए प्रावधान के तहत ग्राहक अपने बैंक खातों में अधिकतम चार नॉमिनी जोड़ सकते हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा की जमाकर्ताओं के पास अब अपने बैंक खातों में एक ही समय में या अलग-अलग समय पर चार नॉमिनी जोड़ने का विकल्प होगा। यह सुविधा खाताधारकों को अधिक लचीलापन प्रदान करेगी और उनकी वित्तीय योजनाओं को अधिक संरक्षित बनाएगी।
लॉकर होल्डर्स के लिए बदलाव
जहां एक ओर खाताधारकों को यह नई सुविधा दी गई है, वहीं लॉकर सेवा उपयोगकर्ताओं के लिए नॉमिनी जोड़ने के नियम अलग हैं। नए प्रावधान के अनुसार लॉकर होल्डर्स के पास केवल क्रमिक नामांकन (sequential nomination) का विकल्प होगा। इसका मतलब है कि लॉकर में रखे सामान के लिए पहला नॉमिनी उपलब्ध न होने की स्थिति में दूसरा नॉमिनी स्वत प्रभावी हो जाएगा। इस बदलाव से लॉकर धारकों के कानूनी उत्तराधिकारियों के लिए प्रक्रिया सरल और विवादमुक्त होगी।
अन्य प्रमुख बदलाव
बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक 2024 में कई अन्य संशोधन भी शामिल किए गए हैं। इनमें अनुपालन में सुधार बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने वाली मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटियों समेत अन्य संस्थानों के लिए नियमों को सरल बनाया गया है। बैंक ऑडिटिंग में बदलाव पांच मौजूदा कानूनों में 19 संशोधन प्रस्तावित हैं, जो बैंकिंग क्षेत्र को अधिक पेशेवर और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम है।
RBI और सरकार की सतर्कता
वित्त मंत्री ने बताया कि 2014 से सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंकों की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता बरती है। उन्होंने कहा हमारा उद्देश्य बैंकों (Bank Account) को सुरक्षित, स्थिर और स्वस्थ बनाए रखना है। सरकार के इन प्रयासों के चलते आज देश का बैंकिंग सेक्टर (Bank Account) अधिक पेशेवर और मजबूत स्थिति में है।
बैंकों के मर्जर पर सरकार का रुख
लोकसभा में संशोधन विधेयक पेश करने के साथ ही राज्यसभा में सरकारी बैंकों (Bank Account) के मर्जर पर सवाल भी उठे। इस पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार फिलहाल किसी नए मर्जर पर विचार नहीं कर रही है। 2019 में हुए बैंकों के बड़े मर्जर का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उस समय 10 बैंकों को मिलाकर चार बड़े बैंक बनाए गए थे, लेकिन वर्तमान में ऐसे किसी कदम की योजना नहीं है। ये भी पढ़े:- टीचर से करोड़पति बनने की कहानी, AAP में शामिल हुए अवध ओझा, जानें कितनी संपत्ति के है मालिक? नए नियमों का ग्राहकों पर प्रभाव
बैंक खातों में नॉमिनी की संख्या बढ़ाने का फैसला ग्राहकों के लिए कई फायदे लेकर आएगा:
वित्तीय सुरक्षा: ग्राहक अब अपने वित्तीय हितों को अधिक संरक्षित कर सकेंगे। लचीलापन: नॉमिनी बदलने या जोड़ने की प्रक्रिया अब अधिक सुविधाजनक होगी। कानूनी विवादों में कमी: खासतौर पर लॉकर होल्डर्स के लिए यह नियम उत्तराधिकारियों के बीच विवाद को कम करेगा।