एमपी में बड़ी संख्या में जनजातियां निवास करती है। सरकार द्वारा जनजातियां के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। मध्यप्रदेश सरकार ने आदिवासी महिलाओं तथा बच्चों को भरपूर पोषण देने के लिए आहार अनुदान योजना की शुरुआत की । इस योजना के तहत पौष्टिक भोजन के लिए 1500 रुपए की राशि हर महीने महिलाओं के खाते में भेजी जाती है। बैगा, भारिया और सहरिया जनजातियों की महिलाओं को अनुदान दिया जाता है।
क्या है आहार अनुदान योजना
एमपी आहार अनुदान योजना की शुरूआत साल 2017 में की गई थी। इसे जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित किया जाता है। इसका मकसद विशेष पिछड़ी जनजाति जैसे बैगा, भारिया, और सहरिया की महिलाओं को कुपोषण से मुक्ति दिलाना है।कैसे करें आवेदन –
- आहार अनुदान योजना के लिए ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन किया जा सकता है।
- ऑनलाइन आवेदन जनजातीय कार्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से किया जाता है।
- ऑफलाइन आवेदन के लिए आप जिले के सहायक आयुक्त या जिला संयोजक जनजाति कार्य विभाग से सम्पर्क करें या फिर ग्राम पंचायत कार्यालय में भी आप संपर्क कर सकते हैं। यहां पर अपने प्रोफाईल का पंजीकरण करना होगा।
मध्य प्रदेश आहार अनुदान योजना की पात्रता
-आवेदक को मध्यप्रदेश का मूल निवासी हो चाहिए।-आवेदक गरीब और बैगा, भारिया और सहरिया जाति का होना चाहिए।
-आवेदक और उसके परिवार में कोई भी सदस्य सरकरी नौकर या नेता नहीं होना चाहिए।
-आवेदक और उसके परिवार में कोई आयकर दाता नहीं होना चाहिए।