राजस्थान सरकार ने हाल ही में शिक्षकों की पदरिक्तता से विद्यालयों में पढाई प्रभावित होने को लेकर कसरत शुरू की है। नई भर्ती और तबादलों से पहले समायोजन किया जा रहा है। यह समायोजन 4 दिसंबर तक किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग को तैयारियों में लगा दिया है।
शिक्षकों की सूची हो रही तैयार
तृतीय श्रेणी लेवल एक व दो, विशेष शिक्षक, द्वितीय श्रेणी, व्याख्याता, उप प्राचार्य पदों की सूची तैयार हो रही है। इसमें प्राथमिक और उच्च प्राथमिक से विद्यालय माध्यमिक और उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत किए गए है, उनकी सूची तैयार होगी। यहां प्रारंभिक शिक्षा के पद है तो फिर शिक्षक को उसी विद्यालय में रखा जाएगा। पद नहीं होने पर उसको प्रारं भिक शिक्षा के अन्य विद्यालयों में लगाया जाएगा। इसके लिए तैयार हो रही सूची में करीब 4000 शिक्षक माने जा रहे है। इसमें से 1000 को अन्यत्र भेजा जा सकता है।
महात्मा गांधी स्कूलों में एक पद पर दो-दो शिक्षक
महात्मा गांधी विद्यालयों में एक पद पर दो-दो शिक्षक कार्य कर रहे है। इन शिक्षकों में से अब एक शिक्षक का समायोजन होगा। इससे यह स्थिति खत्म होगी और अन्य विद्यालय में पदरिक्तता का हल निकलेगा। ऐसे कई विद्यालय सामने आ रहे है जहां पर नामांकन कम है लेकिन शिक्षक ज्यादा नियुक्त है। इन विद्यालयों का सूची में नाम होगा। यहां से अतिरिक्त स्टाफ को हटाया जाएगा। यह स्टाफ अन्य जरूरत की स्कूलों में भेजा जाएगा। शिक्षकों को तबादलों का इंतजार
राज्य सरकार के यह भी निर्देश है कि जहां सिंगल टीचर स्कूल है। वहां पर प्राथमिकता से शिक्षकों को लगाया जाए ताकि वहां पढ़ाई सुचारू हो सके। बाड़मेर जिले में ऐसे विद्यालयों की संख्या अधिक है। समायोजन की इस प्रक्रिया के बावजूद तबादलों को लेकर इंतजार है। शिक्षक संघ भी स्थानांतरण की प्रक्रिया शीघ्र हों इसके लिए मांग उठा रहे है। ल बे समय से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले नहीं होने से शिक्षक व्यक्तिगत परेशानियों से भी अब उकताने लगे है।