राजस्थान पुलिस के डीजी एमएल लाठर ने प्रेस वार्ता में इसका खुलासा करते हुए बताया कि पपला को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया गया है। डीजीपी लाठर ने बताया कि राजस्थान पुलिस पपला के पीछे लगी हुई थी।
राजस्थान पुलिस की कई टीमें अलग-अलग स्थानों में गई। अंत में सात दिन पूर्व राजस्थान पुलिस की दो टीमें महाराष्ट्र कोल्हापुर के लिए रवाना की गई। राजस्थान पुलिस के दो दर्जन से ज्यादा अधिकारी और पुलिसकर्मियों की टीम गई थी। फिर पपला को 27 और 28 तारीख को पकड़ा। पपला गुर्जर कोल्हापुर में उदलसिंह नाम रखा हुआ था। पपला ने इस नाम का आधार कार्ड भी बनवा लिया था। पपला गुर्जर कोल्हापुर में महिला मित्र से साथ रह रहा था। महिला का नाम जिया उद सहर बताया जा रहा है वह महिला जिम संचालित करती थी। पपला गुर्जर को एएसपी सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में टीम ने गिरफ्तार किया। पपला की महिला मित्र को भी गिरफ्तार किया गया है। पपला की गिरफ्तारी में महाराष्ट्र पुलिस ने भी सहयोग दिया।
ऑपरेशन में एक घंटा लगा और गिरफ्तार किया टीम ने पपला के कोल्हापुर निवास का वीडियो बनाया और प्लानिंग बनाकर उसके मकान को घेरा गया।पपला के मकान के चारों तरफ पुलिस के अधिकारी और कमांडो तैनात किए गए। पपला गुर्जर तीसरे फ्लोर पर जिम कर रहा था, टीम ने पपला को ललकारा तो वो उसने वहां से छलांग लगाई। पपला को रात दो बजे गिरफ्तार किया गया। इस ऑपरेशन में कुल एक घंटे का समय लगा। पपला को कोल्हापुर से जयपुर लाया जा रहा है। पपला गुर्जर को जयपुर लाने के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा। फिर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। डीजीपी लाठर ने बताया कि पपला को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाएगी।
राजस्थान एसओजी/एटीएस व भिवाड़ी पुलिस अब तक पपला के गिरोह के 35 बदमाशों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें कई 50 हजार के इनामी बदमाश हैं। पपला गुर्जर केस के मुख्य बिंदु
पांच सितम्बर को बहरोड़ पुलिस ने पपला गुर्जर को गिरफ्तार किया था। अगले दिन पपला के साथी उसे छुड़ा कर ले गए थे। – पपला गुर्जर को 5 सितंबर 2019 की रात बहरोड़ पुलिस ने हाईवे से 32 लाख रुपए के साथ गिरफ़्तार किया था।
– पुलिस से मिलीभगत कर पतला ने अगले दिन 6 सितंबर की सुबह अपने साथियों से बहरोड थाने पर हमला करा दिया। बहरोड़ थाने पर एके-47 जैसे आधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग कर बदमाशों अपने साथी पपला गुर्जर को लॉकअप से निकाल कर फरार हो गए थे।
– इस मामले में पुलिस अब तक पपला गुर्जर के करीब 3 दर्जन साथियों को गिरफ्तार कर चुकी है। – पपला गुर्जर पर राजस्थान और हरियाणा पुलिस की ओर से 3-3 लाख रुपए का इनाम घोषित किया हुआ था।
– पपला गुर्जर की फरारी मामले में राजस्थान पुलिस कि काफी बदनामी हुई थी। – इस मामले में बहरोड़ थाने के दो पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया गया था, थाना अधिकारी को निलंबित किया गया था तथा पूरे थाने को लाइन हाजिर भी किया गया था। साथ ही एडिशनल एसपी और डीएसपी पर भी गाज गिरी थी।
बहरोड़ थाने में हुआ था नक्सलियों जैसा हमला 5 सितम्बर 2019 को हरियाणा का कुख्यात गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर निवासी खैरोली जिला महेन्द्रगढ़-हरियाणा अपने साथी जसराम पटेल की हत्या का बदला लेने बहरोड़ आया था, लेकिन बहरोड़ के बदमाश विक्रम उर्फ लादेन को मारने से पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बहरोड़ पुलिस ने पपला को 31.90 लाख रुपए के साथ पकड़ा था। पुलिसकर्मियों से मिलीभगत कर पपला ने अपने गुर्गों से मोबाइल पर बात की। इसके बाद अगले दिन 6 सितम्बर की सुबह करीब साढ़े आठ बजे पपला के गुर्गे बहरोड़ में घुसे और थाने में एके-47 व एके-56 जैसे हथियारों से गोलियां बरसा पपला को लॉकअप से निकालकर ले गए।