अजमेर

प्रदेश की राजस्व अदालतों का भी बदलेगा कार्यक्षेत्र

नए जिलों में अधीनस्थ राजस्व अदालतें होंगी सृजित -भू प्रबंध अधिकारी, राजस्व अपील अधिकारी और संभागीय आयुक्त न्यायालय बनेंगे
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नए जिले बनाने के ऐलान के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर मशक्कत शुरू हो गई है। राजस्थान में 3 नए संभाग एवं 19 नए जिले स्थापित किए जाने से राजस्व न्यायालयों के कार्य क्षेत्र में भी बदलाव होगा।

अजमेरAug 16, 2023 / 11:54 pm

Dilip

खंडवा. घटनास्थल पर कार्रवाई करते पिपलौद पुलिस।,खंडवा. घटनास्थल पर कार्रवाई करते पिपलौद पुलिस।,Revenue Board Head Quarters Ajmer

अजमेर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नए जिले बनाने के ऐलान के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर मशक्कत शुरू हो गई है। राजस्थान में 3 नए संभाग एवं 19 नए जिले स्थापित किए जाने से राजस्व न्यायालयों के कार्य क्षेत्र में भी बदलाव होगा। पूर्व में राजस्थान में जहां तहसील एवं उपखंड स्तर के न्यायालय थे वहां जिले सृजित होन से जिला स्तरीय न्यायालय, भू -प्रबन्ध अधिकारी, राजस्व अपील अधिकारी न्यायालय तथा संभागीय मुख्यालय पर संभागीय आयुक्त न्यायालय भी बढ़ेंगे।तीन नए संभाग बनाए
राज्य सरकार ने राजस्थान राजस्व भू राजस्व अधिनियम की धारा 15 व 16 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जयपुर व बीकानेर संभाग में से सीकर, जोधपुर संभाग में से पाली व उदयपुर संभाग में से बांसवाड़ा अलग कर इन्हें नए संभाग बना दिए हैं।संभाग का नाम संभाग में शामिल किए जिले
सीकर सीकर, झुंझुनू, नीम का थाना, चूरू.

पाली पाली, जालौर, सांचौर, सिरोही.

बांसवाड़ा बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़.

जयपुर जयपुर, जयपुर-ग्रामीण, दूदू, कोटपुतली, बहरोड़, दौसा, खैरथल,

तिजारा, अलवर।बीकानेर बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़़, अनूपगढ़।
अजमेर अजमेर, ब्यावर, केकड़ी, टोंक, नागौर, डीडवाना, कुचामन, शाहपुरा।भरतपुर भरतपुर, धौलपुर, करौली, डीग,गंगापुर सिटी, सवाईमाधोपुर.

कोटा कोटा, बूंदी, बांरा, झालावाड़.

जोधपुर जोधपुर, जोधपुर-ग्रामीण, फलौदी, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा.

उदयपुर उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, राजसमंद, सलूंबर।
नैक टीम करेगी 18-19 को गर्ल्स कॉलेज का दौरा
राजकीय कन्या महाविद्यालय : यूजीसी को सौंपी जाएगी पियर रिपोर्ट

अजमेर. राजकीय कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय प्रत्यायन एवं मूल्यांकन (नैक) टीम 18-19 अगस्त को दौरा करेगी। टीम इस दौरान कॉलेज में संचालित कोर्स, सह शैक्षिक गतिविधियों का अवलोकन करेगी। छात्राओं और अभिभावकों से फीडबैक लेगी। इसके बाद पियर रिपोर्ट बनाकर यूजीसी को सौंपेगी। यूजीसी के नियमानुसार देश में सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेज को नैक मूल्यांकन जरूरी है। इसके तहत राजकीय कन्या महाविद्यालय में टीम दौरा करेगी।यूं होगा निरीक्षण
नैक टीम शैक्षिक विभागों, समितियों, पुस्तकालय, स्थापना शाखा, कार्यालय और लेखा शाखा का निरीक्षण करेगी। कॉलेज की पांच साल की गतिविधियों, कार्यक्रमों पर पावर प्वॉइंट प्रजेंटेशन दिया जागा। विभिन्न नवाचार पर चर्चा होगी। शिक्षकों से चर्चा होगी।
भवन है 100 साल पुरानाराजकीय कन्या महाविद्यालय का भवन 100 साल पुराना है। पूर्व में यहां सावित्री कन्या महाविद्यालय संचालित था, लेकिन वित्तीय समस्याओं के चलते सरकार ने साल 2014-15 में भवन का अधिग्रहण किया। कॉलेज में छात्रावास भी संचालित है।

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