ये हैं दुनिया की सबसे खतरनाक स्पेशल फोर्स, जिनका नाम सुनते ही दुश्मनों के छूट जाते हैं पसीने
निया के हर देश के पास किसी भी विपत स्थिति से निपटने के लिए अपनी स्पेशल फोर्सेज भी होती हैं, जो अपने साहस के बल पर आतंकियों और दुश्मन के मंसूबों पर पानी फेर देती हैं…
जयपुर•Dec 17, 2016 / 04:59 pm•
राहुल


The World’s Most Dangerous Special Forces
अपने-अपने देश की रक्षा में लगी सेना, फौज और उनके सैनिक व कमांडोज़ को हम सभी बहुत ही इज़्ज़त से नवाजते हैं। थल, जल और वायु सेना एक कदम आगे रह कर दुश्मनों से मोर्चा लेते हैं और देश के लिए अपनी जान भी कुर्बान कर देते हैं।
दुनिया के हर देश के पास किसी भी विपत स्थिति से निपटने के लिए अपनी स्पेशल फोर्सेज भी होती हैं, जो अपने साहस के बल पर आतंकियों और दुश्मन के मंसूबों पर पानी फेर देती हैं। आज हम आपको ऐसे ही कुछ स्पेशल फोर्स और उनके कमांडो के बारे में अवगत कराएंगे, जिनका नाम सुनते ही आतंकियों के पसीने छूट जाते हैं-
मार्कोस, भारत-

भारत वैसे भी अपनी थल, जल और वायु सेना के पराक्रम के कारण विश्व भर में विख्यात है। इन फोर्सेज के अलावा भी भारत के पास एक ऐसी ताकत है जिसका लोहा सारी दुनिया मानती है। भारत में तैयार मरीन कमांडो फ़ोर्स के इन जवानों को इनकी बहादुरी और सफल ऑपरेशन के लिए विश्व भर में सराहना मिलती है। हालो और हाहो प्रशिछित इन कमांडो को घातक युद्ध हथियार जैसे- रायफल , स्नाइपर से सुसज्जित किया जाता है तथा इन्हें विशेष मनोवैज्ञानिक परिस्थितियों से लड़ने का सबक भी सिखाया जाता है।

भारत ने अब तक इन जवानों सम्बन्धी लगभग सभी जानकारियों को पूरे विश्व से गुप्त रखा है। यहाँ तक कि इनकी पहचान और संख्या को भी पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किया गया है।”मार्कोस दुनिया के सबसे ताकतवर और खतरनाक कमांडो हैं।
ब्रिटिश स्पेशल एयर सर्विस-

इस स्पेशल फाॅर्स के कमांडो के पराक्रम का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया के लगभग सभी स्पेशल फोर्सेस को इन्ही के मॉडल पर ही बनाया जाता है। यहाँ तक कि अमेरिका कि डेल्टा फ़ोर्स भी इसी मॉडल पर बनायी गयी है। युद्ध सम्बन्धी सभी परिस्थितियों से निपटने के लिए दुनियाँ में इनका कोई विकल्प नहीं है। ये फ़ौज सील की भांति मैदानों में लड़ने के लिए जितना प्रशिछित हैं उतना ही एमआई-5 और एमआई-6 जितना गहरी जांच में सक्षम है।
नेवी सील-

दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी ओसामा बिन लादेन को मौत के घाट उतारने के बाद सारी दुनिया में नेवी सील का नाम इतनी तेजी से फैला कि बच्चा-बच्चा आज इनका नाम जनता है। नेवी सील अमेरिका के सबसे अच्छे कमांडो हैं जो जमीन पर होने वाले सभी ऑपरेशन में नेवी सील सबसे कारगर साबित हुए हैं। नवीनतम हथियारों से लैश ये जवान दुश्मनों के लिए यमराज का दूसरा रूप है। हर मौसम और विषम से विषम परिस्थितियों में युद्ध के लिए इनको हर तरह के हथियारों और उपकरणों से युक्त किया गया है। किसी भी तरह के ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाने के लिए या फिर कमांडोस को प्रशिक्षित करने के लिए ये सबसे ज्यादा नियुक्त किये जाते हैं।
पाकिस्तान SSG-
पाकिस्तान भले ही आतंकवाद आंतरिक लड़ाई लड़ रहा है, उसके घर के हालात खुद के द्वारा पाले गए आतंकियों के नापाक मंसूबों के कारण धूमिल हैं। लेकिन फिर भी पाकिस्तान इस छेत्र में किसी से पीछे नहीं है। ब्रिटिश SAS और अमेरिकन स्पेशल फोर्सेज कि तरह इसे 1956 में “ब्लैक स्ट्रोक” के नाम से तैयार किया गया था।

इनकी बहादुरी को देख कर ही एक बार रुसी राष्ट्रपति ने इनके बारे में कहा कि यदि इन्हें हमारे हथियार दे दिए जाएँ तो ये किसी भी जंग में अपना झंडा गाड सकते हैं। पता नहीं क्यों इतनी सक्षम कमांडो फ़ोर्स के होते हुए भी ये देश आतंकवादियों का अड्डा कहलाना पसंद करता है।
रुसी स्पेंत्स्नाज़-

रुसी स्पेंत्स्नाज़ दुनिया कि सबसे प्राणघातक प्रशिक्षण से होकर गुजरने वाले ये रुसी कमांडो इतने खतरनाक हैं कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी रूस को इन्होने उबारने की काबिलियत दिखाई है। इतना खतरनाक प्रशिक्षण कि यूरोप और अमेरिका में प्रतिबंधित है। पूछताछ में इनसे कुछ भी उगलवाना नामुमकिन है और इन्हें किसी भी प्रकार के दर्द को बर्दास्त करने के बजाय उसे एन्जॉय करना सिखाया जाता है।
डेल्टा फ़ोर्स अमेरिका –

मुख्य रूप से डेल्टा के नाम से विश्व प्रसिद्ध इस कमांडो फ़ोर्स को दुनिया की सबसे खतरनाक और तेज कार्यवाई करने वाला माना जाता है।अमेरिका के खुफिया बलों में इसका स्थान सबसे ऊपर था। जब 1997 में विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों के बाद इसे सार्वजनिक तौर से प्रदर्शित किया गया। इसका संस्थापक/सह संस्थापक भूतपूर्व ब्रिटिश 22 स्पेशल एयर सर्विस का एजेंट था जिसने ब्रिटिश कमांडो फ़ोर्स SAS की तर्ज पर ही अमेरिका में डेल्टा फ़ोर्स को तैयार किया। डेल्टा फ़ोर्स का प्रमुख काम आतंकवादी गतिविधियों को रोकना तथा अन्य राष्ट्रविरोधी ताकतों को रोकना है, जिसके लिए अमेरिकी सरकार ने इन्हें अत्याधुनिक हथियारों से सुसज्जित कर रखा है।
JW-GROM,पोलैंड-

jw grom इसका पूरा नाम Jednostka Wojskowa GROM है जो पोलैंड का आतंकवाद विरोधी एक अत्यंत सक्षम बल है। जुलाई 13,1990 को पोलैंड में आंतक के भय के कारण इस फ़ोर्स को बनाया गया था। ग्रोम का अर्थ ‘तूफ़ान’ होता है जो कि पोलैंड कि पांच प्रमुख सुरक्षा बलों में से एक है। नवीनतम तकीनीक के हथियारों और अपने मजबूत हौसलों से इन जवानो ने कई बार दुश्मनों के मैदाने-जंग में पसीने छुडाये है। सीमा पार हो रही गतिविधियों पर भी इनकी पैनी नजर रहती है।
GSG 9,जर्मनी-

gsg germany अब तक 1500 से अधिक सफल ऑपरेशन में अपना नाम रोशन करने वाले इस कमांडो सुरक्षा बल ने अब तक सिर्फ 5 ऑपरेशन में असफलता का मुंह देखा है। ग्रीष्म ओलंपिक खेलों में 11 इसराइली खिलाडियों के बंधक बनाये जाने कि घटना के बाद सन 1973 में सैवाधानिक रूप से इनका गठन किया गया था। विभिन्न प्रकार के सुरक्षा ऑपरेशन , स्नाइपर ऑपरेशन या दुश्मन ठिकानों को नेस्तानाबूत करने में इन सिपाहियों को महारत हासिल हैं।
जीआईजीएन, फ्रांस-
National Gendarmerie Intervention Group या GIGN नाम से विख्यात इस सुरक्षा बल के नाम से ही भय दिल में बस जाता है |1973 में भविष्य के किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार की गयी इस फ़ोर्स को हर तरह की परिस्थितियों से निपटने की ट्रेनिग दी गयी है।
EKO कोबरा,ऑस्ट्रिया-

इसे Einsatzkommando Cobra के नाम से भी जाना जाता है। इसकी स्थापना 1978 में की गयी थी। युद्धों में अपनी सक्रियता और तेजी के बावजूद भी इसे पता नहीं क्यों नीचे स्थान दिया गया है। इस बल के नाम हवा में ही प्लेन हाईजैक को नेस्तनाबूत करने का अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा रखा है।
Hindi News / World / Miscellenous World / ये हैं दुनिया की सबसे खतरनाक स्पेशल फोर्स, जिनका नाम सुनते ही दुश्मनों के छूट जाते हैं पसीने