वॉशिंगटन। अमरीका ने रूस से कहा है कि नाटो एक सुरक्षात्मक गंठबंधन है। रूस को सीमा पर तैनात हुए नाटो की सेना से डरने की जरूरत नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने नाटो के जवाब में रूस की ओर से सीमा पर इसकांदर मिसाइल और कैलिनिनग्राद में हवाई सुरक्षा पर आपत्ति जताई है।
मास्को को नाटो की सैनिक दलों से डरना नहीं चाहिए: जॉन किर्बी
जॉन किर्बी ने कहा है कि मास्को व्यर्थ ही नाटो की सेना से डरा हुआ है। हालांकि बाल्टिक में और ज्यादा टैंक और सैनिक दल तैनात किए जा रहे हैं। जॉन किर्बी ने कहा है कि नाटो सुरक्षा से जुड़ा हुआ एक गठबंधन है और ये हमेशा अपना काम करता रहेगा। मगर रूस बिना किसी वजह इसे अपने लिए एक खतरा समझ रहा है। रविवार को नाटो ने लिथ्योनिया में अपने 4000 सैनिक दलों के साथ शक्ति प्रदर्शन किया। ये सैन्य अभ्यास नाटो ने 2015 और 2014 में भी किया था। उस समय नाटो के 2,500 और 2,000 सैन्य दल ही शामिल हुए थे। किरबी ने कहा कि रूस नाटो के इस सैन्य अभ्यास से बिना किसी कारण के डर रहा है।
नाटो के जवाब में रूस ने उतारी अपनी इसकांदर मिसाइल
अमरीका के प्रवक्ता ने कहा है कि पिछले कुछ महीनों में नाटो ने अपनी सैन्य ताकत और अपनी गतिविधियों को बढ़ाया है मगर इसके पीछे कोई विशेष कारण नहीं है। नाटो की सेना रूस की तरफ नहीं बढ़ रही हैं। नाटो की ओर से रूस की सीमा पर किए गए सैन्य अभ्यास और सैनिक दलों की तैनाती के बाद मास्को ने एस-400 हवाई सुरक्षा व्यस्था तैयार की है। इसके साथ ही रूस ने अपनी इसकांदर मिसाइल को भी सीमा पर तैनात कर दिया है। रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्त दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि सीमा पर नाटो का सामना करने के लिए रूस सभी जरूरी काम कर रहा है। रूस के प्रवक्ता ने कहा है कि नाटो का ये गठबंधन वास्तव में एक आक्रमक गुट है। इसके खतरे को देखते हुए रूस पूरी तरह से तैयार हो गया है। नाटो की ओर से रूस की सीमा पर किए गए सैन्य अभ्यास में करीब 4,000 सैन्य दलों ने पोलैंड, लिथ्युनिया, एस्टोनिया और लातविया शामिल थे। जुलाई में हुए नाटो के समिट में इस सैन्य अभ्यास को लेकर निर्णय कर लिया गया था।
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