
इसके बाद एक बार फिर बोतलें फेंकी गई जिस पर खिलाड़ी मैदान से बाहर चले गए और 24 मिनट तक मैच रूका रहा। पुलिस ने जिस सेक्शन से बोतलें फेंकी जा रही थी उसे खाली करा दिया और खेल शुरू किया गया। टीम इंडिया के कप्तान एमएस धोनी ने इस घटना को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कहाकि, सुरक्षा के नजरिए से साफ कहूं तो मुझे नहीं लगता कि कोई गंभीर खतरा था। भीड़ में से कुछ ताकतवर लोगों ने बोतलें फेंकी थी। इसलिए अंपायर्स ने सोचा कि चलो कुछ देर के लिए मैदान से बाहर चले जाते हैं। हमने अच्छा खेल नहीं खेला इसलिए कई बार दर्शक ऎसी प्रतिक्रिया देते हैं। पहली बोतल फेंके जाने के बाद बाकी लोग मजे के लिए ऎसा करने लगे। हमें इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। मुझे याद है कि विशाखापट्टनम में एक बार हम आसानी से जीत गए थे और उस समय भी बोतलें फेंकी गई थी।

वहीं दक्षिण अफ्रीका के कप्तान फाफ डू प्लेसी ने कहाकि, मैं पिछले चार-पांच साल से भारत में खेल रहा हूं। ऎसा पहली बार देखा है। यह क्रिकेट के लिए सही नहीं है और ऎसा नहीं होना चाहिए। यह बुरा अनुभव था। अन्य वर्तमान और पुराने खिलाडियों ने भी घटना पर प्रतिक्रिया दी और इसकी निंदा की। युवराज सिंह ने कहाकि, शर्मनाक चीज! जब हम जीते तो सब कुछ अच्छा रहता है और हारें तो ऎसा व्यवहार करोगे? प्लीज अपने खिलाडियों और खेल के लिए कुछ तो सम्मान दिखाओ। पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर भी इस घटना से नाराज दिखे और उन्होंने कहाकि कटक को कम से कम पांच साल तक अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं मिलना चाहिए।

इंग्लैण्ड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहाकि, भारत में काफी सारे मैदान हैं। सबसे आसान सजा यह है कि अगले कुछ सालों तक वहां मैच मत कराओ। अजीत अगरकर ने भी वॉन और गावस्कर के बयान की पैरवी करते हुए कहाकि कटक को काफी साल बाद मैच मिला था। इस व्यवहार के लिए उन्हें अगले कुछ सालों तक इंतजार कराओ। प्रज्ञान ओझा ने कहाकि घटना से ओडिशा क्रिकेट का नाम खराब हुआ है।

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