जिम्बाब्वे भले दोनों मैच हार चुका है, लेकिन सीरीज के पहले मैच में उन्होंने भारत के पसीने छुड़ा दिए थे। पहले दमदार गेंदबाजी के बल पर जिम्बाब्वे ने भारतीय पारी छह विकेट पर 255 रन पर रोक दिया और उसके बाद एल्टन चिगुंबरा (नाबाद 104) ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को जीत के काफी नजदीक तक पहुंचा दिया था। चिगुंबरा हालांकि अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके और मैच आखिरी गेंद तक रोमांचक बना रहा। दूसरे मैच में हालांकि भारत ने बेहतर वापसी की और 271 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर हासिल किया। इसके बाद भुवनेश्वर कुमार की अगुवाई में भारतीय गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए भारत को 62 रनों से जीत दिला दी। भुवनेश्वर ने चार अहम विकेट चटकाए।
रहाणे ने किया है प्रभावित
रहाणे ने किया है प्रभावित
रहाणे का नेतृत्व अब तक बेहतरीन रहा है। वह धैर्यपूर्वक टीम की कप्तानी करते नजर आए और गेंदबाजी में सही समय पर सही बदलाव किए। बल्ले से भी रहाणे ने पहले मैच में 34 और दूसरे मैच में 63 रनों का अहम योगदान दिया। हालांकि पिछले दोनों मैचों में अहम पारियां खेलने वाले अंबाती रायडू का चोटिल होकर बाहर होना जरूर रहाणे के लिए चिंता का सबब होगा। भारतीय गेंदबाजी को लेकर चिंता जरूर जताई जा रही थी, लेकिन भुवनेश्वर, हरभजन सिंह, स्टुअर्ट बिन्नी और अक्षर पटेल ने अब तक अपनी उपयोगिता साबित की है।

हारे तो चली जाएगी नंबर दो की हैसियत
मेजबान जिम्बाब्वे के लिए मैच अब सम्मान बचाने वाला होगा और जीत हासिल करने के लिए वे कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे। ऎसे में भारतीय टीम के लिए लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है। रहाणे टीम पर अपनी लय बरकरार रखते हुए तीसरे मैच में जीत हासिल कर भारत को विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर बनाए रखने की जिम्मेदारी भी होगी।

हारे तो चली जाएगी नंबर दो की हैसियत
मेजबान जिम्बाब्वे के लिए मैच अब सम्मान बचाने वाला होगा और जीत हासिल करने के लिए वे कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे। ऎसे में भारतीय टीम के लिए लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है। रहाणे टीम पर अपनी लय बरकरार रखते हुए तीसरे मैच में जीत हासिल कर भारत को विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर बनाए रखने की जिम्मेदारी भी होगी।