मोबाइल फोन में जरूर डालें एंटीवायरस

नई दिल्ली। स्मार्टफोन के इस युग में हम मोबाइल पर इंटरनेट से लेकर ई.बैंकिंग तक सारी सुविधाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। जहां मोबाइल हमारे हर काम को इतना आसान बना रहा है वहीं जरूरी है अपने फोन को वायरस से बचाना। मोबाइल को वायरस से बचाने के लिए एंटीवायरस का प्रयोग करना बेहद जरूरी है।
कंप्यूटर सुरक्षा विशेषज्ञ का कहना है कि युवा विभिन्न वेबसाइट से मुफ्त में सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने के प्रलोभन से भी बचें, क्योंकि इसी दौरान हैकर आपके मोबाइल अथवा कंप्यूटर में वायरस भेज सकते हैं। ध्यान रखें किसी करीबी की भी मेल को एंटी वायरस से सर्च करने के बाद ही खोलें। इसके अलावा अपने मोबाइल फोन में ब्लू-टूथ को ऑन न छोड़ें। ऎसी स्थिति में हैकर 30 मीटर तक की परिधि से आपका फोन हैक कर डाटा चोरी कर सकते हैं।
ऑफ मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट स्टडीज तथा पीएनबी आइआइटी की ओर से आयोजित इन्फारमेशन एंड साइबर सिक्योरिटी विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में दिए पीएनबी आइआइटी में आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि आइआइएम के प्रोफेसर भरत भास्करए सूचना प्रोद्योगिकी डाटा बारो के प्रमुख कमल नारंग, एएसपी एसटीएफ अरिवंद चतुर्वेदी, एलबीएसआइएमडीएस के निदेशक प्रो.सुनील कुमार व पीएनबीआइआइटी के वरिष्ठ प्रबंधक एसएन राउत ने भी छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया। इंटरनेट एक हाईवे की तरह है, जिस पर असंख्य लोग चल रहे हैं, यहां अपार डेटा ट्रैवेल करता है।
आने वाले वक्त में सिक्योरिटी इंजीनियर्स की जॉब बढ़ेंगी। उन्हें तैयार करने की जिम्मेदारी आइटी क्षेत्र के संस्थानों की है। प्रो.भरत के मुताबिक आधार कार्ड के जरिए एक बॉयोमैट्रिक डाटाबेस तैयार हो रहा ह। इसका डुप्लीकेट बनाना संभव नहीं होगा। अब तक 20 करोड़ कार्ड बन चुके हैं जबकि 100 करोड़ से अधिक कार्ड बनने हैं। इतना बड़ा बॉयोमैट्रिक डाटाबेस दुनिया में कहीं नहीं होगा लेकिन इसे संभालना तकनीक के लिए नई चुनौती ह।
एएसपी डा.अरविंद चतुर्वेदी ने छात्र-छात्राओं को टेक्निकल इंटेलीजेंस के बारे में विस्तार से बताया कि किस प्रकार पुलिस मोबाइल फोन की कॉल डिटेल से लेकर इंटरनेट, मेल सफिंüग, सीसीटीवी फुटेज, बैंक डिटेल, रेलवे सर्वर व अन्य माध्यमों की गहन छानबीन कर अपराधियों तक पहुंचती है।